6 दिन बंद रहेगा सुरकंडा देवी रोपवे, कद्दूखाल से पैदल चढ़ाई कर करने होंगे दर्शन..

6 दिन बंद रहेगा सुरकंडा देवी रोपवे, कद्दूखाल से पैदल चढ़ाई कर करने होंगे दर्शन..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के टिहरी जनपद स्थित प्रसिद्ध शक्ति पीठ सुरकंडा देवी मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। मंदिर तक पहुंचने वाली रोपवे सेवा को 30 मार्च से 5 अप्रैल तक अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। इस दौरान रोपवे पर जरूरी मरम्मत और तकनीकी सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध सुविधा मिल सके। रोपवे के समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने कहा कि यह बंदी पहले से निर्धारित रखरखाव कार्यक्रम के तहत की जा रही है। लगातार उपयोग और मौसम के प्रभाव को देखते हुए रोपवे की तकनीकी जांच और मरम्मत आवश्यक हो गई थी। इसी कारण कुछ दिनों के लिए सेवा को बंद करने का निर्णय लिया गया है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

रोपवे सेवा बंद रहने के कारण इस अवधि में मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कद्दूखाल से मंदिर तक पैदल मार्ग का सहारा लेना होगा। यह दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर की है, जिसमें चढ़ाई भी शामिल है। हालांकि यह पारंपरिक मार्ग वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन रोपवे सुविधा के अभाव में खासकर बुजुर्ग, बच्चे और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए यह यात्रा थोड़ी कठिन हो सकती है। मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था, मार्ग पर सहायता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति और अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए ही दर्शन के लिए जाएं। साथ ही, आवश्यक वस्तुएं साथ रखें और सुरक्षित यात्रा के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उम्मीद जताई जा रही है कि 5 अप्रैल के बाद रोपवे सेवा पुनः सुचारु रूप से शुरू कर दी जाएगी। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित और बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह अस्थायी बंदी भविष्य में सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

 

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