केदारनाथ धाम में अभी भी चार फीट बर्फ, पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात..

केदारनाथ धाम में अभी भी चार फीट बर्फ, पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात..

 

 

 

 

उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए केदारनाथ धाम में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। यात्रा से पहले व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने प्रशासनिक टीम के साथ धाम पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान केदार सभा के पदाधिकारी, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रतिनिधि और हक-हकूकधारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि धाम क्षेत्र में अभी भी तीन से चार फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिसके कारण कई व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। प्रशासन ने बर्फ हटाने के कार्य को प्राथमिकता में रखा है और इसके लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बर्फ हटेगी, धाम क्षेत्र में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित हो सकें।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रा से पहले पेयजल, विद्युत, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से बहाल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से टीमों को धाम भेजा जा रहा है, ताकि किसी भी व्यवस्था में कमी न रह जाए। वहीं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि वर्तमान में धाम क्षेत्र में पुलिस के तीन जवान और आईटीबीपी के 12 जवान तैनात हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था को बनाए हुए हैं। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया जाएगा।

साथ ही आवागमन ठहरने और आपात स्थिति से निपटने के लिए भी विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। इस बीच मौसम भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। मार्च के शुरुआती दिनों में जहां तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली, वहीं महीने के तीसरे सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश और बर्फबारी का असर अब तक बना हुआ है। यही कारण है कि मार्च का अंतिम सप्ताह बीते एक दशक में सबसे ठंडा दर्ज किया गया है, जिससे तैयारियों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। कुल मिलाकर प्रशासन का फोकस यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

 

 

 

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