देहरादून को मिलेगी बड़ी हवाई सौगात, वाराणसी-प्रयागराज-अयोध्या के लिए फ्लाइट शुरू करने की तैयारी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों के लिए हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। जल्द ही देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए नियमित उड़ान सेवाएं शुरू होने की संभावना है। इस संबंध में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर जानकारी साझा की है। बता दे कि सीएम धामी ने हाल ही में केंद्र सरकार से इन प्रमुख धार्मिक शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू करने का आग्रह किया था, ताकि उत्तराखंड से जुड़े तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। इस पहल के पीछे उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि राज्यों के बीच सीधी कनेक्टिविटी को भी मजबूत करना है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि वर्तमान में देहरादून से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एलाइंस एयर जैसी एयरलाइंस द्वारा अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ, पुणे, भुवनेश्वर और कुल्लू समेत कई शहरों के लिए प्रति सप्ताह सैकड़ों उड़ानें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में घरेलू विमानन क्षेत्र को पूरी तरह उदारीकृत किया गया है। इसके तहत एयरलाइंस को अपने बेड़े में विमान शामिल करने और व्यावसायिक आधार पर उड़ान मार्ग तय करने की स्वतंत्रता है। किसी भी नए रूट पर उड़ान शुरू करने या मौजूदा सेवाओं को बढ़ाने का अंतिम निर्णय संबंधित एयरलाइन कंपनियों द्वारा लिया जाता है।
देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए उड़ान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को सभी घरेलू एयरलाइंस के साथ साझा कर दिया गया है, ताकि व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर जल्द निर्णय लिया जा सके।सरकार का मानना है कि इन तीनों धार्मिक शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से तीर्थाटन को नई गति मिलेगी। खासकर उत्तराखंड से काशी, संगम और राम नगरी तक सीधा हवाई संपर्क स्थापित होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा समय में भी काफी कमी आएगी। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी और राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।





