हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम बनाने की कवायद, बर्फ हटाने में जुटे जवान..

हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम बनाने की कवायद, बर्फ हटाने में जुटे जवान..

 

 

 

उत्तराखंड: गढ़वाल हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा को इस वर्ष सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। तीर्थयात्रा से पहले मार्ग को पूरी तरह से बहाल करने के उद्देश्य से गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादारों के साथ भारतीय सेना की 9 (1) माउंटेन ब्रिगेड की टीम ने अभियान शुरू कर दिया है। अरदास के बाद यह दल गोविंदघाट से घनघरिया की ओर रवाना हो चुका है।

जानकारी के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले भेजी गई रेकी टीम ने पूरे ट्रेक मार्ग का निरीक्षण किया था। सर्वेक्षण में हेमकुंड साहिब और अटलकोटी ग्लेशियर क्षेत्र में आठ फीट से अधिक बर्फ जमी होने की पुष्टि हुई थी। अब सेना के जवान और सेवादार मिलकर चरणबद्ध तरीके से इस बर्फ को काटते हुए रास्ता साफ करेंगे। टीम घनघरिया में बेस कैंप बनाकर प्रतिदिन ऊंचाई की ओर बढ़ेगी और कठिन परिस्थितियों के बीच मार्ग को यात्रा योग्य बनाएगी। प्रशासन और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि लगातार प्रयासों से अगले तीन सप्ताह के भीतर पूरा ट्रेक मार्ग तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित कर लिया जाएगा। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 20 मई 2026 को पहला जत्था ऋषिकेश से रवाना होगा, जबकि 23 मई 2026 को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।

समुद्र तल से लगभग 4,632 मीटर (करीब 15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के बीच बसा एक प्रमुख सिख तीर्थस्थल है। यहां स्थित पवित्र सरोवर (लोकपाल झील) और आसपास का प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। सिख आस्था के अनुसार, यह स्थल दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की तपस्थली माना जाता है, जिस कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय मार्गों को पार कर यहां पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन, सेना और स्थानीय संस्थाओं की समन्वित तैयारियां इस यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

 

 

 

Related Posts

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से सफर हुआ आसान—अब सिर्फ 3 घंटे में पहुंचें दिल्ली, बस किराए में भी बड़ी राहत…

देहरादून से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हाल ही में शुरू हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने सफर को न केवल तेज बना दिया है,…

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, आज गौरीकुंड पहुंचेगी बाबा केदार की उत्सव डोली..

केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा केदार के कपाट खुलने से पहले पूरी केदारपुरी को भव्य रूप से सजाया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *