उत्तराखंड में नया निकाहनामा, दूसरा-तीसरा निकाह कराने का कॉलम होगा खत्म..

उत्तराखंड में नया निकाहनामा, दूसरा-तीसरा निकाह कराने का कॉलम होगा खत्म..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों के तहत अब वक्फ बोर्ड एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड जल्द ही एक नया स्टैंडर्ड ‘निकाहनामा मॉडल’ जारी करेगा, जिसके लागू होने के बाद प्रदेश में पहली पत्नी के जीवित रहते या कानूनी रूप से तलाक हुए बिना दूसरा निकाह कराना नामुमकिन हो जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों और गलत तरीके से निकाह पढ़ाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि यूसीसी (UCC) के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर ही यह नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मॉडल निकाहनामे में केवल एक ही निकाह का प्रावधान होगा। दस्तावेज़ में दूसरे, तीसरे या चौथे निकाह के लिए कोई विकल्प या कॉलम ही नहीं रखा जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, पहली पत्नी के रहते दूसरा निकाह पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी माना जाएगा। कानून का उल्लंघन करने पर सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।

केवल रजिस्टर्ड मौलवी ही पढ़ा सकेंगे निकाह
इस नई व्यवस्था के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव निकाह कराने वाले मौलवियों को लेकर किया गया है। अब तक कोई भी मौलवी निकाह संपन्न करा देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए निकाहनामे के लागू होने के बाद केवल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत (Registered) मौलवी ही निकाह करा सकेंगे। यदि कोई मौलवी फर्जी तरीके से या नियमों को दरकिनार कर दूसरा निकाह पढ़ाता है या गलत निकाहनामा जारी करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए निकाहनामा मॉडल के तहत निकाह के बाद उसका आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। वक्फ बोर्ड के इस कदम को राज्य में लागू यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

 

 

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