लगातार बारिश से परेशानी, सुरक्षा को देखते हुए फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बंद

लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी, सुरक्षा के मद्देनजर फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बंद

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। प्रशासन और वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

लगातार बारिश के कारण फूलों की घाटी की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर फिसलन बढ़ गई है। पहाड़ी से पत्थर गिरने, भूस्खलन और मार्ग क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए पर्यटकों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उत्तराखंड में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की आशंका के बीच कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

घांघरिया में रोके गए पर्यटक

फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों को फिलहाल घांघरिया और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा पैदल मार्ग तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम सामान्य होने और रास्ते को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही पर्यटकों की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।

प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचें।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है फूलों की घाटी

चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और यहां बड़ी संख्या में दुर्लभ फूल एवं वनस्पतियां पाई जाती हैं। घाटी को वर्ष 2026 में जून की शुरुआत में पर्यटकों के लिए खोला गया था तथा सामान्य परिस्थितियों में यह 31 अक्टूबर तक खुली रहती है।

बरसात के मौसम में घाटी की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, वर्तमान मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी यात्रियों से सावधानी बरतने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन की सलाह: मौसम साफ होने और मार्ग सुरक्षित होने की आधिकारिक सूचना मिलने तक पर्यटक फूलों की घाटी की यात्रा शुरू न करें।

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