पहाड़ों में इलाज अब और आसान, हेलिकॉप्टर से भेजे जाएंगे विशेषज्ञ डॉक्टर..

पहाड़ों में इलाज अब और आसान, हेलिकॉप्टर से भेजे जाएंगे विशेषज्ञ डॉक्टर..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई पहल पर काम कर रही है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने संकेत दिए हैं कि अब गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सीधे दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से आपात स्थिति में मरीजों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की जरूरत कम हो सकेगी। रविवार को देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अन्य जिलों या बड़े चिकित्सा केंद्रों में भेजना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की हानि होती है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को हेलिकॉप्टर से जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा, जहां वे मरीजों की जांच और उपचार करेंगे। चारधाम यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर तैनात चिकित्सा इकाइयों में सभी आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही, डॉक्टरों की तैनाती रोटेशन के आधार पर सुनिश्चित की जाए, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को मरीजों के प्रति अपने व्यवहार में सुधार लाने की भी सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय संवेदनशीलता बनी रहे। इसके अलावा, पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों को इसी वर्ष शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अधिकारियों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की यह पहल राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को समय पर और प्रभावी उपचार मिल सकेगा।

 

 

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