खटीमा की बेटी तिला सेन ने फतह किया माउंट एवरेस्ट, शिखर पर लहराया तिरंगा..

खटीमा की बेटी तिला सेन ने फतह किया माउंट एवरेस्ट, शिखर पर लहराया तिरंगा..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के खटीमा की बेटी तिला सेन ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की महिला पर्वतारोही टीम का हिस्सा रहीं तिला सेन ने 21 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराकर एक नई उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। आईटीबीपी द्वारा आयोजित इस विशेष एवरेस्ट अभियान की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से हुई थी। मिशन में कुल 14 सदस्य शामिल थे, जिनमें 11 महिला पर्वतारोही थीं। टीम ने नेपाल के कठिन साउथ कोल रूट से चढ़ाई करते हुए बर्फीले तूफानों, कम ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण मौसम का सामना किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और अनुशासन का परिचय देते हुए 8,848 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर सफलता हासिल की।

खटीमा क्षेत्र के चारूबेटा गांव निवासी तिला सेन की इस उपलब्धि ने उत्तराखंड की बेटियों के हौसले और क्षमता को नई पहचान दी है। एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा लहराने के बाद तिला सेन का नाम अब प्रदेश की प्रेरणादायक महिलाओं में शामिल हो गया है। परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में उनकी सफलता को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है। तिला सेन के भाई और आईटीबीपी जवान योगेंद्र कुमार ने बताया कि तिला वर्ष 2021 में आईटीबीपी में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थीं। वर्तमान में वह Indo-Tibetan Border Police की 36वीं वाहिनी में लोहाघाट, चंपावत में तैनात हैं। साधारण परिवार से आने वाली तिला ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चारूबेटा गांव से प्राप्त की। इसके बाद जीजीआईसी खटीमा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और खटीमा से ही पॉलीटेक्निक शिक्षा हासिल की। दो भाइयों और पांच बहनों वाले परिवार में तिला चौथे नंबर पर हैं। तिला सेन की इस सफलता को युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और मेहनत के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि से उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है।

Related Posts

केदारनाथ में बिजली व्यवस्था होगी चाक-चौबंद, सोनप्रयाग से धाम तक 33 केवी लाइन को मंजूरी..

केदारनाथ में बिजली व्यवस्था होगी चाक-चौबंद, सोनप्रयाग से धाम तक 33 केवी लाइन को मंजूरी..   उत्तराखंड: केदारनाथ धाम में बिजली की आपूर्ति को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की…

कण्वाश्रम की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान, ‘भरत से भारतवर्ष’ को मिला प्रथम पुरस्कार..

कण्वाश्रम की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान, ‘भरत से भारतवर्ष’ को मिला प्रथम पुरस्कार..     उत्तराखंड: कण्वाश्रम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने वाली पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *