महिला खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, जुलाई से शुरू होगा उत्तराखंड का पहला स्पोर्ट्स कॉलेज..

महिला खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, जुलाई से शुरू होगा उत्तराखंड का पहला स्पोर्ट्स कॉलेज..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के संचालन के लिए प्रधानाचार्य समेत 16 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब कॉलेज को जल्द शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह महत्वाकांक्षी संस्थान चंपावत जिले के लोहाघाट में तैयार किया जा रहा है और इसी वर्ष जुलाई से यहां शैक्षणिक और खेल गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य की बेटियों को आधुनिक खेल सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर की खेल शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश और दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें।

कॉलेज के संचालन को समय पर शुरू करने के लिए खेल विभाग और प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है और छात्राओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शुरुआती चरण में कॉलेज के संचालन की जिम्मेदारी स्पोर्ट्स कॉलेज पिथौरागढ़ के प्रधानाचार्य मनोज शर्मा को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। सरकार द्वारा जिन 16 पदों को मंजूरी दी गई है, उनमें एक प्रधानाचार्य, तीन खेल अध्यापक, तीन सहायक खेल अध्यापक, एक पीटीआई कम वार्डन, एक खेल प्रबंधक और एक फिजियोथेरेपिस्ट का पद शामिल है। इसके अलावा प्रशासनिक और अन्य व्यवस्थाओं के लिए कनिष्ठ सहायक, सहायक वार्डन, अनुसेवक और ग्राउंड स्टाफ के पद भी सृजित किए गए हैं। इन पदों के भरने से कॉलेज का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा और खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिल पाएगा।

सरकार का मानना है कि यह संस्थान राज्य की महिला खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच साबित होगा। यहां आधुनिक खेल प्रशिक्षण, फिटनेस सुविधाएं और अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में छात्राओं को तैयार किया जाएगा। इससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। उत्तराखंड लंबे समय से खेल प्रतिभाओं की धरती रहा है, लेकिन महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष खेल संस्थान की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में लोहाघाट में बनने वाला यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज न केवल राज्य की बेटियों के सपनों को नई दिशा देगा, बल्कि प्रदेश को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

 

 

 

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