सावन में ब्रह्म कमल से सजी केदारपुरी..

सावन में ब्रह्म कमल से सजी केदारपुरी..

बाबा केदार को अर्पित करने नंगे पांव फूल लेने पहुंच रहे भक्त..

 

 

उत्तराखंड: सावन के पवित्र महीने में हिमालय की ऊंची चोटियों पर खिला ब्रह्म कमल केदारपुरी की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। केदारनाथ धाम के आसपास चोराबाड़ी ताल, बासुकीताल और ऊपरी बुग्यालों में इन दिनों ब्रह्म कमल के फूल दिखाई दे रहे हैं। भगवान शिव को प्रिय माने जाने वाले इस पुष्प को देखने और पूजा में अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्म कमल हिमालयी क्षेत्र में विशेष परिस्थितियों में खिलता है। धार्मिक मान्यताओं के कारण सावन में इसका महत्व और बढ़ जाता है। तुंगनाथ और मद्महेश्वर धाम में भी श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के दौरान ब्रह्म कमल अर्पित कर रहे हैं।

शिव पूजा में ब्रह्म कमल का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को ब्रह्म कमल अर्पित करने और बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते कई श्रद्धालु ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाकर ब्रह्म कमल लेकर आते हैं और उसे भगवान शिव के चरणों में अर्पित करते हैं। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील वनस्पतियों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए फूलों को तोड़ने के बजाय स्थानीय धार्मिक परंपराओं और वन विभाग के नियमों का पालन करना जरूरी है।ब्रह्म कमल को धार्मिक महत्व के साथ औषधीय गुणों वाला पुष्प भी माना जाता है। बुग्यालों में खिले इन फूलों से इस समय केदारनाथ क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और भी आकर्षक नजर आ रहा है। केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती के मुताबिक, सावन में भगवान शिव को ब्रह्म कमल अर्पित करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उनका कहना है कि इस दौरान शिव पूजा और ब्रह्म कमल अर्पण को श्रद्धालु पुण्य और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखते हैं। परंपरा के तहत कई बार भगवान को अर्पित पुष्प अपने यजमानों तक भी पहुंचाए जाते हैं।

केदारनाथ में 14.41 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

ब्रह्म कमल के खिलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा भी लगातार जारी है। इस यात्रा सीजन में अब तक 14 लाख 41 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार शनिवार को भी करीब तीन हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि यात्रा शुरू होने के बाद से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पंचकेदार के अन्य धामों में भी भक्तों की आवाजाही जारी है। मद्महेश्वर मंदिर में अब तक करीब 44 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मंदिर के पुजारी शिवशंकर लिंग के अनुसार, सावन के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं, तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में अब तक करीब 1.28 लाख यात्री भगवान शिव के दर्शन कर चुके हैं। सावन में ब्रह्म कमल के खिलने और शिव आराधना के कारण इन धामों में धार्मिक माहौल और भी खास बना हुआ है।

 

 

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