कुंभ मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, हर की पैड़ी पर बनेंगे तीन अस्थायी रैंप..

कुंभ मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, हर की पैड़ी पर बनेंगे तीन अस्थायी रैंप..

 

 

 

उत्तराखंड: हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए हर की पौड़ी क्षेत्र में तीन अस्थायी रैंप बनाए जाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इन रैंपों के निर्माण पर करीब 139.60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और इन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार करने की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में स्नान के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इन अस्थायी रैंपों का निर्माण किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इन रैंपों के बनने से भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी और स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहेगी। आपको बता दे कि कुंभ मेला 2027 में करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन पहले से ही आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गया है। हर की पौड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित ये रैंप तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग-अलग दिशाओं में नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

बताया जा रहा है कि प्रत्येक रैंप की लंबाई लगभग 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर होगी। इनका डिजाइन इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसानी से आवागमन कर सकें। साथ ही आपात स्थिति में भी इनका उपयोग राहत और बचाव कार्यों के लिए किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार रैंप निर्माण कार्य को लेकर स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लक्ष्य है कि कुंभ मेला शुरू होने से करीब दो महीने पहले सभी रैंप पूरी तरह तैयार हो जाएं। इससे मेले के दौरान आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान सुविधा उपलब्ध कराने में काफी मदद मिलेगी।

हरिद्वार में कुंभ मेला देश और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसे में हर बार प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रहती है। इस बार प्रशासन आधुनिक और व्यवस्थित व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस कर रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का मानना है कि यदि समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाती हैं तो कुंभ मेला 2027 पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित साबित हो सकता है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम तेजी से जारी है।

 

 

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