लखवाड़ बांध क्षेत्र में कानून व्यवस्था के लिए बड़ा फैसला, निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू..

लखवाड़ बांध क्षेत्र में कानून व्यवस्था के लिए बड़ा फैसला, निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू..

 

 

 

उत्तराखंड: टिहरी गढ़वाल जिले में निर्माणाधीन लखवाड़ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। परियोजना क्षेत्र और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा निर्माण कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करने के उद्देश्य से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले छह महीनों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में समय-समय पर विरोध-प्रदर्शन, धरना, जुलूस और अन्य सामूहिक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्यों के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न आए और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

जारी आदेश के तहत परियोजना के सभी प्रमुख कार्यस्थलों, निर्माण क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों के आसपास 500 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी या जुलूस आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सार्वजनिक सुरक्षा और परियोजना के सुचारु संचालन के लिए लागू की गई है। हालांकि स्थानीय निवासियों को आवश्यक गतिविधियों के लिए राहत प्रदान की गई है। ग्रामीण अपने घरों तक आने-जाने, खेती-बाड़ी और दैनिक जरूरतों से जुड़े कार्यों के लिए सामान्य रूप से आवाजाही कर सकेंगे। लेकिन उन्हें प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना होगा।

निषेधाज्ञा के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर परियोजना क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध संभावित अवांछित घटनाओं को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में सहायक होंगे। परियोजना से जुड़े कार्यालयों, आवासीय परिसरों, निर्माण स्थलों और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी व्यक्ति को बिना वैध अनुमति इन क्षेत्रों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना की मशीनरी, वाहनों, उपकरणों अथवा अन्य सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण एजेंसियों के कार्यों में व्यवधान डालने को भी गंभीर अपराध माना जाएगा। सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना, भड़काऊ सामग्री या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संदेशों के प्रसार पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें।

उपजिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लखवाड़ परियोजना प्रदेश की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है। बता दे कि लखवाड़ बांध परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है और इसके निर्माण कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में लागू की गई निषेधाज्ञा को परियोजना क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

 

 

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