उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों को मिलेगी राहत, उड़ान योजना से सस्ती और तेज हवाई सेवा..

उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों को मिलेगी राहत, उड़ान योजना से सस्ती और तेज हवाई सेवा..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान योजना (UDAN) के तहत राज्य में क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का विस्तार तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे पहाड़ों में आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुलभ होने की उम्मीद है। संसद में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के तहत उत्तराखंड में एक दर्जन हेलीपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। इनमें पिथौरागढ़ और पंतनगर हवाई अड्डों के साथ ही सहस्त्रधारा (देहरादून), चिन्यालीसौर (उत्तरकाशी), गौचर (चमोली), नई टिहरी, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, श्रीनगर, मुनस्यारी, बागेश्वर और चंपावत जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।

सरकार का विशेष फोकस उन क्षेत्रों पर है जहां भौगोलिक चुनौतियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी अधिक रहता है, जैसे चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी। इन इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार से न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में बचाव और राहत कार्यों को भी तेजी से अंजाम दिया जा सकेगा। संशोधित उड़ान योजना के तहत केंद्र सरकार ने अगले 10 वर्षों में देशभर में लगभग 4 करोड़ यात्रियों को हवाई सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 120 नए गंतव्यों को जोड़ने की योजना है, जिससे क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को और मजबूत किया जा सके। पर्वतीय, आकांक्षी और पूर्वोत्तर राज्यों को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

उत्तराखंड में बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी का सीधा असर पर्यटन क्षेत्र पर भी देखने को मिलेगा। दूर-दराज के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। इसी क्रम में देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच जल्द ही हेली सेवा शुरू किए जाने की भी तैयारी है। इस संबंध में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू द्वारा सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर जानकारी दी जा चुकी है। कुल मिलाकर, उड़ान योजना के तहत उत्तराखंड में हवाई सेवाओं का यह विस्तार राज्य के विकास, पर्यटन और आपदा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।

 

 

 

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