केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा, जगत कल्याण के लिए हुआ यज्ञ..

केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा, जगत कल्याण के लिए हुआ यज्ञ..

 

 

उत्तराखंड: आषाढ़ संक्रांति के पावन अवसर पर विश्व कल्याण, क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि की कामना के साथ श्री केदारनाथ धाम में भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित इस अनुष्ठान में चारधाम तीर्थ पुरोहितों तथा स्थानीय श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। मान्यता है कि भगवान भैरवनाथ केदारपुरी के क्षेत्रपाल और रक्षक देवता हैं। केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के दौरान बंद रहने पर भी केदारपुरी की रक्षा का दायित्व भगवान भैरवनाथ ही संभालते हैं। इसी धार्मिक परंपरा के तहत प्रत्येक वर्ष आषाढ़ संक्रांति पर केदारनाथ मंदिर और भैरवनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है।

आज सोमवार दिनांक 15 जून को प्रातःकाल भगवान भैरवनाथ का विधि-विधान से अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात श्री केदारनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। तीर्थ पुरोहितों ने यज्ञ में आहुतियां देते हुए विश्व शांति, मानव कल्याण, क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान धाम में मौजूद स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया और भगवान भैरवनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रों की गूंज और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार देखने को मिला।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान भैरवनाथ की आराधना से क्षेत्र में सुख-शांति बनी रहती है तथा प्राकृतिक आपदाओं और संकटों से रक्षा होती है। इसी आस्था के साथ हर वर्ष यह परंपरा निभाई जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थ पुरोहित शामिल होकर लोकमंगल की कामना करते हैं। आषाढ़ संक्रांति पर आयोजित इस विशेष पूजा और यज्ञ के माध्यम से केदारपुरी में एक बार फिर सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

 

 

 

Related Posts

केदारनाथ में बिजली व्यवस्था होगी चाक-चौबंद, सोनप्रयाग से धाम तक 33 केवी लाइन को मंजूरी..

केदारनाथ में बिजली व्यवस्था होगी चाक-चौबंद, सोनप्रयाग से धाम तक 33 केवी लाइन को मंजूरी..   उत्तराखंड: केदारनाथ धाम में बिजली की आपूर्ति को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की…

कण्वाश्रम की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान, ‘भरत से भारतवर्ष’ को मिला प्रथम पुरस्कार..

कण्वाश्रम की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान, ‘भरत से भारतवर्ष’ को मिला प्रथम पुरस्कार..     उत्तराखंड: कण्वाश्रम की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाने वाली पुस्तक ‘कण्वाश्रम-भरत से भारतवर्ष’…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *