सोशल मीडिया पर प्रचार करने वाले अधिकारियों के लिए नए नियम लाएगी धामी सरकार..

सोशल मीडिया पर प्रचार करने वाले अधिकारियों के लिए नए नियम लाएगी धामी सरकार..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार अब अधिकारियों और कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रही है। सरकारी निरीक्षण, फील्ड विजिट और जनसुनवाई के दौरान लगातार रील और वीडियो बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए कार्मिक विभाग नई इंटरनेट मीडिया आचरण नियमावली तैयार कर रहा है। इस प्रस्तावित नियमावली के तहत प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।

पिछले कुछ समय में प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां अधिकारी सरकारी कार्यक्रमों, निरीक्षणों और दौरे के दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते नजर आए। कई वीडियो विवादों का कारण भी बने। सरकार के स्तर पर इसे प्रशासनिक कार्यों से अधिक व्यक्तिगत प्रचार और छवि निर्माण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सीएम धामी ने हाल ही में प्रशासनिक कार्यों में गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी जिम्मेदारियों को प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। सीएम की नाराजगी के बाद अब सरकार इस विषय पर औपचारिक नियमावली लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

प्रस्तावित गाइडलाइन के दायरे में जिलाधिकारियों से लेकर अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सरकारी कर्मचारी भी शामिल होंगे। नियमावली में यह स्पष्ट किया जाएगा कि अधिकारी किन परिस्थितियों में सोशल मीडिया पर सामग्री साझा कर सकेंगे और किन गतिविधियों से उन्हें दूरी बनानी होगी। सरकारी कार्यक्रमों, निरीक्षणों और फील्ड विजिट के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और रील बनाने को लेकर भी अलग मानक निर्धारित किए जाएंगे। सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह नियमावली तैयार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में अनुशासन, जवाबदेही और गंभीरता को मजबूत करना है।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच सरकारी अधिकारियों की “रील संस्कृति” को लेकर बहस भी तेज हो गई है। कुछ लोग इसे जनता से जुड़ने और पारदर्शिता बढ़ाने का माध्यम मानते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं और सरकारी कार्यों का अनावश्यक प्रचार होने लगता है। सरकार का मानना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद प्रशासनिक गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ अधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी संतुलित नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

 

 

 

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