भव्य आस्था का उत्सव: केदारनाथ धाम के कपाट खुले, जयकारों से गूंजा पूरा परिसर

उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। जैसे ही कपाट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोषों से गूंज उठा। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहले से ही धाम पहुंच चुके थे।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ सहित चारधाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान हैं और सरकार यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस दौरान यात्रा मार्गों की देखरेख, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

कपाट खुलने के साथ ही प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा संपन्न हुई। वहीं प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने की अपील की—स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण की रक्षा करना, सेवा भाव रखना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और यात्रा के नियमों का पालन करना।

धाम को करीब 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कपाट खुलते ही हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर इस अवसर को और भी खास बनाया गया।

धाम पहुंचने पर डोली ने मंदिर की परिक्रमा कर भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा संपन्न हुई। इस दौरान सैन्य बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात रहे।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।

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