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गंगा एक्सप्रेसवे से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर, हरिद्वार तक पहुंचेगा एक्सप्रेसवे..

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गंगा एक्सप्रेसवे से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर, हरिद्वार तक पहुंचेगा एक्सप्रेसवे..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेस-वे को अब हरिद्वार से जोड़ने की तैयारी है। इस विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बन चुकी है। इसके साथ ही परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे के हरिद्वार तक विस्तार की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) की होगी। वहीं उत्तराखंड सरकार परियोजना के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग में सहयोग करेगी। खास बात यह है कि इस परियोजना के निर्माण का सीधा वित्तीय भार उत्तराखंड सरकार पर नहीं आएगा।

बिजनौर के रास्ते हरिद्वार से जुड़ेगा एक्सप्रेस-वे

प्रस्तावित विस्तार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से होकर उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। एक्सप्रेस-वे बिजनौर की चांदपुर तहसील से आगे बढ़ते हुए नजीबाबाद तहसील के कासमपुर क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसके बाद गंगा नदी को पार कर यह हरिद्वार से जोड़ा जाएगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के तहत मार्ग से जुड़े अलग-अलग कार्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया है।गंगा एक्सप्रेस-वे के हरिद्वार तक विस्तार के बाद दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, हरिद्वार से प्रयागराज तक का सफर करीब 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह कनेक्टिविटी खास तौर पर धार्मिक यात्राओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हरिद्वार और प्रयागराज दोनों ही देश के प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं। ऐसे में दोनों शहरों के बीच सीधा और तेज सड़क संपर्क बनने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी फायदा मिल सकता है।

धार्मिक पर्यटन और कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा

गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उत्तराखंड की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के चलते हरिद्वार का पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बड़े बाजारों से जुड़ाव मजबूत होगा। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से नए व्यावसायिक अवसर पैदा होने के साथ रोजगार के रास्ते भी खुल सकते हैं। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेस-वे का यह विस्तार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हो सकता है।

 

 

 

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