उत्तराखंड में नया चरण शुरू, स्व-गणना के बाद अब घर-घर सर्वे करेगा प्रशासन..

उत्तराखंड में नया चरण शुरू, स्व-गणना के बाद अब घर-घर सर्वे करेगा प्रशासन..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड में भवन स्व-गणना चरण पूरा होने के बाद अब जनगणना की प्रक्रिया नए चरण में प्रवेश कर गई है। शनिवार से प्रगणक घर-घर जाकर विस्तृत सर्वेक्षण कार्य शुरू करेंगे। इस दौरान प्रत्येक मकान को चिन्हित करते हुए उस पर नंबर अंकित किया जाएगा और संबंधित परिवार से निर्धारित प्रश्नों के आधार पर जानकारी जुटाई जाएगी। जनगणना निदेशालय के अनुसार पूरे प्रदेश को 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में विभाजित किया गया है, जिनका डिजिटल मैप भी तैयार किया गया है। इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि 10 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच 62,000 से अधिक नागरिकों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना पूरी की। इस अभियान में देहरादून जिला सबसे आगे रहा, जहां 10,884 लोगों ने स्वयं अपनी गणना दर्ज की।

जनगणना प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 20,859 प्रगणकों और 3,670 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इन सभी को 555 प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें एचएलओ मोबाइल एप के जरिए फील्ड कार्य का व्यावहारिक अभ्यास भी शामिल रहा। डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए एचएलबीसी पोर्टल के माध्यम से सभी ब्लॉक्स का मैप तैयार किया गया है, जिससे प्रगणकों को अपने-अपने क्षेत्र की सटीक जानकारी मिल सके।

अधिकारियों के अनुसार, प्रगणक जैसे ही मोबाइल एप पर लॉगिन करेंगे, उन्हें अपने आवंटित क्षेत्र का पूरा विवरण मानचित्र के साथ उपलब्ध हो जाएगा। इससे सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता और तेजी दोनों सुनिश्चित होंगी। मकान गणना के दौरान प्रगणक हर उस स्थान पर पहुंचेंगे जहां किसी व्यक्ति के रहने की संभावना हो। प्रत्येक भवन का उपयोग आवासीय या अन्य जांचने के बाद यदि वह आवासीय पाया जाता है, तो वहां रहने वाले लोगों से 33 निर्धारित प्रश्न पूछे जाएंगे। यह पूरा अभियान 24 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रगणकों को इस कार्य के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति मकान पर नंबर अंकित करने या पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने से इनकार नहीं कर सकता। गलत जानकारी देने या प्रगणकों के साथ दुर्व्यवहार करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें प्राथमिकी दर्ज होने की भी संभावना है। जनगणना से जुड़ी जानकारी और शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर अपने क्षेत्र के प्रगणक की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। प्रगणकों को सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से पहचान पत्र जारी किए गए हैं, जिन पर क्यूआर कोड अंकित है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रगणक सर्वे शुरू करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों शहरी क्षेत्रों में पार्षद और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान से समन्वय स्थापित करेंगे, ताकि कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को भी इस अभियान के सफल संचालन के लिए सतर्क किया गया है।

 

 

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