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पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से उत्तराखंड में शोक की लहर..

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पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से उत्तराखंड में शोक की लहर..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय सेना का एक मजबूत एवं सम्मानित चेहरा हमेशा के लिए खामोश हो गया। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सैनिक अधिकारी भुवन चंद्र खंडूरी का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी का देहरादून के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। हृदय संबंधी दिक्कतों के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी था, लेकिन आखिरकार वे जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने की। पूर्व मुख्यमंत्री के पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित उनके आवास पर लाया जाएगा, जहां आम लोग, समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अंतिम दर्शन कर सकेंगे। उनके निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक का माहौल है।

भुवन चंद्र खंडूरी का जीवन अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की मिसाल माना जाता था। भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वे मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जल्द ही उत्तराखंड की राजनीति में एक मजबूत पहचान बना ली।करीब तीन दशक तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां निभाईं। अपने कार्यकाल में उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। उनकी साफ-सुथरी छवि और सख्त प्रशासनिक शैली की चर्चा हमेशा होती रही। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने सेना से लेकर सार्वजनिक जीवन तक अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा कि उनका निधन उत्तराखंड और देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रदेशभर में लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उत्तराखंड की राजनीति में भुवन चंद्र खंडूरी का नाम एक ईमानदार, अनुशासित और जनहित को सर्वोपरि रखने वाले नेता के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

 

 

 

 

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