यमुनोत्री में अव्यवस्था का आलम: जर्जर घोड़ा पड़ाव, मजदूरों को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधाएं

यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने के बाद जहां एक ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती नजर आ रही है। घोड़ा पड़ाव की ऊपरी मंजिल बदहाल स्थिति में होने के कारण यहां काम करने वाले मजदूरों को खुले में बैठने और रात बिताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जिला पंचायत द्वारा कुली एजेंसी के मजदूरों की सुविधा के लिए बनाए गए इस घोड़ा पड़ाव का रखरखाव लंबे समय से उपेक्षित है। कागजों में जहां ठहरने और आराम की व्यवस्था दर्शाई जाती है, वहीं वास्तविकता में हालात बेहद खराब हैं। ऊपरी मंजिल पर गंदगी फैली हुई है, जगह-जगह जला हुआ कूड़ा-करकट पड़ा है, जिससे वातावरण अस्वच्छ बना हुआ है।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वहां तक पहुंचने वाली सीढ़ियां भी टूटी-फूटी हालत में हैं, जिससे मजदूरों को ऊपर जाने में खतरा बना रहता है। इन परिस्थितियों में मजदूरों को न तो ठीक से आराम मिल पा रहा है और न ही सुरक्षित ठहरने की सुविधा।

मजदूरों ने इस अव्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में घोड़ा पड़ाव उपयोग के लायक नहीं रह गया है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच इस तरह की लापरवाही न सिर्फ मजदूरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है।

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