मंडी बोर्ड की हाल ही में आयोजित बैठक में विकास कार्यों और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने की, जिसमें सड़कों सहित विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई और कुल 155 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगाई गई।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों के वेतन बढ़ाने को लेकर लिया गया। इसके लिए वित्त नियंत्रक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो वेतन वृद्धि की प्रक्रिया और मानकों को तय करेगी। साथ ही, मंडी बोर्ड अपने विपणन क्षेत्र के विस्तार के लिए नए पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजेगा।
आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में एक और निर्णय लेते हुए सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत उपनल के लिए लागू शासनादेश को स्वीकार करने पर सहमति बनी है। इससे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
बैठक में प्रबंध निदेशक हेमंत कुमार वर्मा, महाप्रबंधक निर्मला बिष्ट, वित्त महाप्रबंधक जुबक मोहन सक्सेना और तकनीकी महाप्रबंधक विजय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं के हित में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आगामी 20 दिनों के भीतर प्रदेश की सभी मंडियों में खाद्य सामग्री की दरें निर्धारित की जाएंगी और इन्हें प्रतिदिन डिजिटल बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सस्ती दरों पर सामान उपलब्ध हो सके।
वर्तमान में मंडी समितियों द्वारा व्यापारियों के लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। साथ ही, प्रदेश की प्रमुख मंडियों में रिटेल काउंटर खोलने की योजना है, जहां आम लोगों को किफायती दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।






