ब्रेकिंग न्यूज़

सरस फूड फेस्टिवल में महिला समूहों को मिलेगा बाजार..

ब्रेकिंग न्यूज़

सरस फूड फेस्टिवल में महिला समूहों को मिलेगा बाजार..

एक मंच पर दिखेंगे देश के स्थानीय उत्पाद..

 

 

 

उत्तराखंड: राजधानी के रेंजर ग्राउंड में 5 अक्टूबर से सरस फूड फेस्टिवल-2026 शुरू होने जा रहा है। 11 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने हुनर और स्थानीय उत्पादों को लोगों तक पहुंचाएंगी। फेस्टिवल में पारंपरिक खान-पान के साथ हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री का अवसर मिलेगा। इसके लिए अलग-अलग श्रेणियों में स्टॉल तैयार किए गए हैं। इनमें खाद्य सामग्री, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और लाइव फूड स्टॉल शामिल हैं।

उत्तराखंड के 117 समूहों को मिले स्टॉल
सरस फूड फेस्टिवल में उत्तराखंड के 117 स्वयं सहायता समूहों को स्टॉल आवंटित किए गए हैं। वहीं देहरादून जिले के 30 से अधिक समूहों से जुड़ी महिलाएं भी इस आयोजन में हिस्सा लेंगी। इन स्टॉलों पर महिलाएं अपने क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प और अन्य तैयार सामान प्रदर्शित करने के साथ उनकी बिक्री भी करेंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। सरस फूड फेस्टिवल में स्वयं सहायता समूहों को केवल उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे सीधे उपभोक्ताओं से संवाद भी कर सकेंगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग और ग्राहकों की पसंद समझने में मदद मिलेगी। फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार के अनुसार, विभिन्न समूहों के लिए फूड आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और लाइव फूड से जुड़े स्टॉल की व्यवस्था की गई है। आयोजन के जरिए समूहों को व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।

एक मंच पर दिखेगी देश की खान-पान और हस्तशिल्प संस्कृति
सरस फूड फेस्टिवल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों की पहचान बढ़ाना और स्वरोजगार को मजबूत करना है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक खान-पान शैली और हस्तशिल्प को एक ही मंच पर लोगों के सामने लाने की कोशिश की जा रही है। 11 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक स्वाद के साथ विविध स्थानीय उत्पादों को देखने और खरीदने का मौका मिलेगा।

Related Posts

 धामी सरकार की श्रमिक स्वास्थ्य योजना की यूपी में चर्चा, 60 हजार मजदूरों को मिल चुका लाभ..

 धामी सरकार की श्रमिक स्वास्थ्य योजना की यूपी में चर्चा, 60 हजार मजदूरों को मिल चुका लाभ..   उत्तराखंड: निर्माण श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के…

जंगल से चारा लाने की मजबूरी होगी कम, घस्यारी योजना से हजारों महिलाओं को राहत..

 जंगल से चारा लाने की मजबूरी होगी कम, घस्यारी योजना से हजारों महिलाओं को राहत..       उत्तराखंड: उत्तराखंड में पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं को राहत देने के लिए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *